Sunday, October 4, 2015

वहशियत का शिकार हुआ एक और बेगुनाह.....

 मेरे एक अजीज़ मित्र ने हाल में ही मुझसे कहा कि वो मक्का शरीफ में मारे गये हज यात्रियों की लाशे जे.सी.बी.से उठाये जाने वाली सोशल मीडिया में वायरल एक तस्वीर (जिसे गूगल भी फर्जी साबित कर चुका है) के मुद्दे को लेकर मूस्लिम जमात पर जमकर सोशल मीडिया पर गरियाने वाला था लेकिन ईत्तेफाक़न मेरा फोन आने के बाद उसने अपना ईरादा बदल दिया। आपने मेरे सम्मान का ख़्याल रखा इसलिये शुक्रिया मेरे दोस्त पर आज आपके सामने एक ऐसा दिल दहला देने वाला मुद्दा है जिस पर आप जैसे सुधिजनों की बेबाक़ क़लम क्या उगलती है?यह जानने की मुझे बेताबी से इंतेज़ार रहेगा ।
 भारत के दिल दिल्ली के क़रीबी ग्रेटर नोयडा के दादरी कस्बे के बिसाहाड़ा गाँव में एक गाय के वध की अफवाह मात्र के बाद गौ मांस घर में रखे जाने की एक तरफा पुष्टि करते हुये अकलाख़ मुहम्मद नामक एक व्यक्ति के घर तक़रीबन 200 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया । भीड़ ने अकलाख़ को पीट-पीट कर मार डाला ।हमले में अकलाख़ का बेटा दानिश भी बुरी तरह से घायल हो गया । अकलाख़ का पूरा परिवार वहशी भीड़ से गुहार लगाता रहा कि उसके घर गौ मांस का एक टुकड़ा भी मिले तो चाहे जो सज़ा दो ।लेकिन कथित गौ भक्त भीड़ ने उनकी एक ना सुनी और एक गौ वध की अफवाह के चलते इंसान और इंसानियत का बेरहमी से वध कर दिया । अकलाख़ के घर में हमलावरों ने फ्रीज में रखे मांस की भी तलाशी ली जो मौक़ा-ए-ईद पर लाया गया बकरे का गोश्त था ।पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की कि अकलाख़ के घर सिर्फ बकरे का मांस मिला और कुछ भी नहीं ।
 मेरे मित्रों मैं एक मुसलमान के घर पैदा हुआ हूं लेकिन ज़िन्दगी में मांस का एक टुकड़ा नहीं खाया... लेकिन आज मेरी क़लम किसी अपने मज़हब के व्यक्ति की जबरिया की गयी हत्या के लिये नहीं उठ रही है बल्कि इस लिये उठ रही है कि आपने साबित कर दिया है कि इस देश में अफवाहों का बाज़ार कितना गर्म है जिससे एक अफवाही गाय के वध की झूठी ख़बर ने एक भरे-पूरे परिवार की ज़िम्मेवारी संभालने वाले व्यक्ति का क़त्ल करवा दिया । अकलाख़ की बेटी साजिदा कहते फिर रही है कि उन उनके घर गौ मांस तो नहीं मिला...अब उसके पिता को लौटा सकते हो क्या..??

इस सवाल ने तो भीतर ही भीतर मुझे झंझोड़ के रख दिया है और अब मुझे आपकी प्रतिक्रिया का इंतेज़ार है....आप चाहे आलोचना करें...या कुछ और....सब सहर्ष स्वीकार रहेगा लेकिन अकलाख़ की हत्या ने कुछ लोगों को गौ मांस भक्षी तो नहीं वरन नरभक्षी ज़रूर साबित कर दिया है...आपको भड़ास निकालनी ही थी तो धड़ल्ले से गौ मांस खाने का दम भरने वाले अभिनेता ऋषि कपूर पर निकालते,काटजू पर निकालते,गौ मांस को बेहद लजीज़ बताने वाले आदरणीय गृह राज्य मंत्री साहब पर निकालते.....एक बेगुनाह को सरेआम मौत के घाट काहे उतार दिया मेरे सनातनी भाईयों..?? ख़ैर मैं तो ठहरा एक गौ भक्त लेकिन अब फिर एक ऐसी गाय की सेवा की तलाश में निकलता हूं जिसे बेकाम की साबित हो जाने के लिये बेतहाशा दौड़ते ट्रकों की चपेट में आने के छोड़ दिया जाता है । इस बार उसका एक नाम रखुंगा “अकलाख़”........

7 comments:

  1. Totally agree......
    Really it was height of cruelty done by group of blind people I cant understand what they wanted to proof. ....to kill a person for any purpose should not be tolerated specially when person is innocent. ...It seems that the poor man died beacuse person was common man may be he was muslim...
    So sad...

    ReplyDelete
  2. बहुत बढिया एवं संवेदनशील लेख। मौजूदा समय में अराजक लोगों पर कलम के माध्यम से बेहतरीन प्रहार

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया अजय जी मेरी भावनाओं को सम्मान देने के लिये ।।

      Delete
    2. शुक्रिया अजय जी मेरी भावनाओं को सम्मान देने के लिये ।।

      Delete
  3. चारु जी।बेगुनाह चाहे किसी भी मज़हब का हो।उसकी असमय मौत हर किसी को शर्मसार करने के लिये काफी है।
    शुक्रिया आपकी जायज़ और बेहतरीन टिप्पणी के लिये.......

    ReplyDelete
  4. ये गौ प्रेमी नहीं है उनके भेस में छुपे हुए जंगली है जिन्हें किसी की फ़िक्र नहीं बस दरारे पैदा करके मज़े लेने है इस आदमी को सख्त सज़ा मिले ताकि बाकी डरे

    ReplyDelete