Monday, February 6, 2012

रंगे हाथ धरे गये धर्मनगरी के अवैध शराब व्यवसायी

माँ बमलेश्वरी मंदिर 

होटलों से बरामद शराब

छत्तीसगढ़ की आराध्य देवी माँ बमलेश्वरी के पावन तीर्थ क्षेत्र डोंगरगढ़ में नगर पंचायत द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार शहरी क्षेत्र में शराब की बिक्री तथा सेवन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है किंतु स्थानीय होटलों और ढाबों में ग्राहकों को आसानी से देशी व विदेशी शराब उपलब्ध थी जिस पर कड़ी कार्यवाही करते हुये दबंग एस.डी.ओ. जयप्रकाश मौर्या नें स्थानीय रेल्वे चौक स्थित प्रिंस होटल,दिल्ली होटल,बसेरा होटल,तथा रिन होटल में छापामार कार्यवाही कर भारी मात्रा में शराब के पव्वे बरामद कर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की ।

बरामदगी की कार्यवाही करते एस.डी.एम.


नगरीय क्षेत्र में शराब बैन होने के बावजूद भी उक्त होटलों में शराब खुलेआम पी तथा पिलाई जा रही थी और शौकीनों के लिये देशी-विदेशी ब्रांड की शराब भी अधिक कीमतों में उपलब्ध थी जिसके चलते शहर का नया बस स्टैंड क्षेत्र शराबियों के लिये आरामगाह बन चुका था जहां वो धड़ल्ले से शराब की चुस्कियों के साथ मुर्गे-मटन का लुत्फ उठा रहे थे।प्रशासन का ध्यान कई बार इस दिशा में उठाने के बावजूद भी शराब के इन अवैध व्यवसायियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गयी थी किंतु छत्तीसगढ़ के ही माटी पुत्र तथा तेज़ तर्रार आई.ए.एस.अधिकारी जयप्रकाश मौर्य के नगर में एस.डी.एम. पद पर ज्वाईन करने के साथ ही उनकी आक्रामक कार्यशैली को देखते हुये यह कयास लगाया जा रहा था कि धर्मनगरी के अवैध शराब व्यवसाय पर जल्द अंकुश लगेगा और बीती 6 फरवरी 2012 की रात यह सच भी चरितार्थ हो गया।
सबसे पहले प्रिंस होटल में कार्यवाही की खबर लगते ही अन्य होटल व्यवसायी अपनी-अपनी होटलों में ताला जड़ कर भाग खड़े हुये जिस पर श्री मौर्य नें सागर होटल,रिन होटल और दिल्ली होटल में लगा ताला तोड़वाते हुये होटलों में अवैध रूप से रखी शराब जप्त की। शराब का खुला खेल खेलते इन व्यवसायियों पर की गयी इस कार्यवाही की नगर में सर्वत्र प्रशंसा की गयी और कार्यवाही के दौरान लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी थी।डोंगरगढ़ से सबसे नजदीक की शराब दुकान लगभग 5 कि.मी.दूर ग्राम राका के पास स्थित है जिसको भी हटाने को लेकर हाल में युवा कांग्रेस नेता नवाज खान के नेतृत्व में बड़ा बवाल हो चुका है ।सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिलाओं और पुरूषों ने उक्त शराब दुकान पर धावा बोल दिया था जिसके बचाव ने पुलिस वालों ने ग्रामीणों पर जमकर लाठियां भांजी थी । इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी डोंगरगढ़ शहर में ही शराब की उपलब्धता संदेह के दायरे में है ।

8 comments:

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    1. शुक्रिया अमित जी और तस्वीरें उपलब्ध कराने हेतु आपको भी साधूवाद.....

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  2. प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रतिबंधित वस्तु के व्यापार में लाभ की असीम संभावनाएं होती हैं यूं तो सभी जानते हैं पर अनभिज्ञता का अभिनय हम सब देशवासियों के खून में बसता है :)

    बहरहाल क़ानून की इज्ज़त रखने वाले अधिकारी महोदय को साधुवाद !

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    1. शुक्रिया अली साहब....नवोदित आई.ए.एस.अधिकारी श्री मौर्य डोंगरगढ़ में तरक्की का नया मार्क बनकर उभरे हैं और उनकी कार्यशैली क़ाबिले तारिफ है......

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  3. waise bina police ki sarparasti ke dongargarh kya kisi bhi kheshtra mein avaidh sharab nahi bik sakti,s.d.m. saahab ko badhaai parantu saath hi bhrast police adhikaariyo ko agar nilambit kare to sahi maayne mein asli dabang kahla sakte hai....tab hum ye maan sakte hai ki unki ye aakraamak shaily aajiwan unke saath rahegi varna keval prashikshan tak hi aakrmakta kisi kaam ki nahi kyuki unke jaate hi phir se wahi sab shuru ho jaayega jise band kara kar wo prasidhi paa rahe hai......baharhaal abhi ke liye badhaai....

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    1. शुक्रिया मिंटु जी...आप स्थानीय रहवासी हैं...आप जैसों को अपने शहर को इन सामाजिक बुराईयों से बचाने के लिये ज़्यादा जागरूक बने रहने की दरकार है.....

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  4. उम्दा एवं बेहतरीन..

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    1. शुक्रिया अर्चना जी....मौर्य जी की कार्यशैली फिल्म "नायक" के अनिल कपूर के जैसी है......

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