Sunday, February 19, 2012

केरोसिन का स्याह कारोबार......

केरोसिन से भरा टैंकर

गौरतलब है कि सरकार अभी ईंधन और उर्वरकों पर करीब 74 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी हर साल दे रही है, लेकिन वित्त मंत्री के मुताबिक इसका बड़ा हिस्सा वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच ही नहीं पाता है। टास्क फोर्स ने केरोसिन के लिए दो चरणों में सब्सिडी ट्रांसफर की सिफारिश की है। वित्त मंत्री ने कहा कि डायरेक्ट सब्सिडी से इसका दुरुपयोग रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि केरोसिन पर सब्सिडी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में सुधार से जुड़ा है। केरोसिन पर सब्सिडी की सफलता राज्यों पर निर्भर करती है क्योंकि इसका वितरण राज्य सरकारों के जरिए ही किया जाएगा। बावजूद इस संपूर्ण क़वायद के छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया डॉ.रमन सिंह के विधानसभा क्षेत्र राजनांदगाँव ज़िले में कैरोसिन की कालाबाज़ारी का खुला खेल खेला जा रहा है। गरीबों के इस तेल के काले खेल के खिलाड़यों का सुरक्षित पनाहगार बने राजनांदगाँव ईलाके में गुज़रे कई महीनों से मिट्टी के तेल के अवैध कारोबारी चाँदी काट रहे हैं और प्रशासन रहस्यमयी मौन धारण किये बैठा है ।
केरोसिन के गिरफ्तार कालाबाज़ारी
शुक्रवार 17 फरवरी 2012 की मध्य रात्रि राजनांदगाँव पुलिस को मुखबीर के ज़रिये सूचना मिली की स्थानीय जी.ई.रोड स्थित रामदरबार मंदिर के पास संदीप सिंह नाम का एक शख्स जो मिट्टी तेल के अवैध कारोबार के मामले में नामचीन है ने आयकर भवन के सामने अपनी दुकान में भारी मात्रा में नीला केरोसिन रखा हुआ है तथा वहां खड़े एक टैंकर में भी मिट्टी के तेल का अवैध ज़खीरा भरा पड़ा है। सूचना के बाद कोतवाली पुलिस ने संदीप सिंह की दुकान पर छापामार कार्यवाही कर 24 हज़ार 400 लीटर मिट्टी का तेल बरामद किया। संदीप सिंह सहित तीन अपराधियों पर जुर्म दर्ज कर उन्हें शनिवार की सुबह पुलिसिया रिमांड पर भेज दिया गया पर उसके बाद जो हुआ वो समझ से परे था देर रात संदीप सिंह शहर में बेखौफ घूमता हुआ दिखायी दिया...इसका मतलब साफ था कि उसे जुर्म दर्ज होने के चंद घंटे के अंदर ही ज़मानत मिल गयी थी....उस वक़्त दिल में एक ख्याल पुख़्ता हो चला की इस देश में यदि आपकी गिनती रसूखदारों में आती है तो आपके लिये कुछ भी काम असंभव नहीं है...पर सवाल यह है की आख़िर कब तक गरीबों का रहनुमा होने का दावा करने वाले सरकारी दरख़्तों के साये में ज़रूरतमंद लोग लुटते जाते रहेंगे??ग़रीबी यक़ीनन तरक्की के इस युग में कोई विकराल समस्या नहीं है लेकिन इस समस्या को यथावत रखकर अमीर बनते जा रहे चतुर लोगों की बेशर्म चतुराई की उपज आज भी समाज के कुछ हिस्से को दरिद्रता के दावानल में झुलसते हुये देखना चाहती है ताकि वो उस पर राहत की बौछार करने के बहाने अपनी रोटी सेंक सके...मिट्टी तेल के कालाबाज़ारी संदीप सिंह जैसे लोग तो सिर्फ एक मिसाल की तरह हैं जो डंके की चोट पर यह बताना चाहते हैं की जब तक भ्रष्ट्राचार की चाशनी में डूबे हुक्मरानों का हाथ उनके सरों पर है तब तक वो समाज के सफेद चेहरे पर स्याह कालिख पोतने का काम जारी रखेंगे.....एक ही लफ्ज़ पर अब उंगलियां की-बोर्ड पर चलने को आतुर हैं...."अफसोस" 

Monday, February 6, 2012

रंगे हाथ धरे गये धर्मनगरी के अवैध शराब व्यवसायी

माँ बमलेश्वरी मंदिर 

होटलों से बरामद शराब

छत्तीसगढ़ की आराध्य देवी माँ बमलेश्वरी के पावन तीर्थ क्षेत्र डोंगरगढ़ में नगर पंचायत द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार शहरी क्षेत्र में शराब की बिक्री तथा सेवन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है किंतु स्थानीय होटलों और ढाबों में ग्राहकों को आसानी से देशी व विदेशी शराब उपलब्ध थी जिस पर कड़ी कार्यवाही करते हुये दबंग एस.डी.ओ. जयप्रकाश मौर्या नें स्थानीय रेल्वे चौक स्थित प्रिंस होटल,दिल्ली होटल,बसेरा होटल,तथा रिन होटल में छापामार कार्यवाही कर भारी मात्रा में शराब के पव्वे बरामद कर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की ।

बरामदगी की कार्यवाही करते एस.डी.एम.


नगरीय क्षेत्र में शराब बैन होने के बावजूद भी उक्त होटलों में शराब खुलेआम पी तथा पिलाई जा रही थी और शौकीनों के लिये देशी-विदेशी ब्रांड की शराब भी अधिक कीमतों में उपलब्ध थी जिसके चलते शहर का नया बस स्टैंड क्षेत्र शराबियों के लिये आरामगाह बन चुका था जहां वो धड़ल्ले से शराब की चुस्कियों के साथ मुर्गे-मटन का लुत्फ उठा रहे थे।प्रशासन का ध्यान कई बार इस दिशा में उठाने के बावजूद भी शराब के इन अवैध व्यवसायियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गयी थी किंतु छत्तीसगढ़ के ही माटी पुत्र तथा तेज़ तर्रार आई.ए.एस.अधिकारी जयप्रकाश मौर्य के नगर में एस.डी.एम. पद पर ज्वाईन करने के साथ ही उनकी आक्रामक कार्यशैली को देखते हुये यह कयास लगाया जा रहा था कि धर्मनगरी के अवैध शराब व्यवसाय पर जल्द अंकुश लगेगा और बीती 6 फरवरी 2012 की रात यह सच भी चरितार्थ हो गया।
सबसे पहले प्रिंस होटल में कार्यवाही की खबर लगते ही अन्य होटल व्यवसायी अपनी-अपनी होटलों में ताला जड़ कर भाग खड़े हुये जिस पर श्री मौर्य नें सागर होटल,रिन होटल और दिल्ली होटल में लगा ताला तोड़वाते हुये होटलों में अवैध रूप से रखी शराब जप्त की। शराब का खुला खेल खेलते इन व्यवसायियों पर की गयी इस कार्यवाही की नगर में सर्वत्र प्रशंसा की गयी और कार्यवाही के दौरान लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी थी।डोंगरगढ़ से सबसे नजदीक की शराब दुकान लगभग 5 कि.मी.दूर ग्राम राका के पास स्थित है जिसको भी हटाने को लेकर हाल में युवा कांग्रेस नेता नवाज खान के नेतृत्व में बड़ा बवाल हो चुका है ।सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिलाओं और पुरूषों ने उक्त शराब दुकान पर धावा बोल दिया था जिसके बचाव ने पुलिस वालों ने ग्रामीणों पर जमकर लाठियां भांजी थी । इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी डोंगरगढ़ शहर में ही शराब की उपलब्धता संदेह के दायरे में है ।