Monday, March 14, 2011

कुश्ती का सिकन्दर मदद का तलबग़ार है....


महज़ सात साल की उम्र में डाक्टर की गलती ने उसके पैरों को लाचार कर दिया ! फिर पूरा बचपन खाट पर ही बीता ! पिता ने पलंग पर ही पंजा कुश्ती के गुर सिखाए और अब वह पंजा कुश्ती के अनोखे खेल में अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी का दर्जा रखता है ! हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर में रहने वाले राम सिंग की जिसने अपने मंसूबे से अपनी शारीरिक कमज़ोरी को मात देते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर पर कामयाबी का मुकाम हासिल किया है
राम सिंग 
मन में चाह हो तो राह यकीनन मिल ही जाती है ! बचपन में ही अपने दोनों पैरों से लाचार होने के बावजूद राम सिंग ने अपनी पुरज़ोर हिम्मत को कायम रखते हुये अपने पिता हरजीत सिंग की मोटर मैकेनिक शाप में उनका हाथ बंटाते हुये मोटर गाड़ियों के ईंजिन रिपेयरिंग का काम सीखा और इसे ही अपनी आजीविका का साधन बना कर अपना काम जारी रखा ! गाड़ियों के भारी से भारी पार्टस आसानी से उसे उठाता देख कर दोस्तों नें उसे पावर लिफ्टिंग अभ्यास करने की सलाह दी और राम सिंग ने उस पर अमल करते हुये बकायदा जिम जाकर अभ्यास शुरू कर दिया ! अपने हाथों की मज़बूत पकड़ के एहसास ने राम को पंजा कुश्ती के लिये प्रेरित किया और अनेकों छोटी बड़ी पंजा कुश्ती प्रतियोगिताओं में हाथ आज़माने के बाद आसाम में हुई 27वीं सीनियर नेशनल आर्म रेसलिंग वर्ल्ड आर्म रेसलिंग में राम ने पहले स्थान पर कब्ज़ा जमा कर धूम मचा दी ! पिछ्ले दिनों ईटली में वर्ल्ड आर्म रेसलिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित चैम्पियन शीप में राम सिंग को भारत का प्रतिनिधित्व करते हुये चौथे स्थान का गौरव भी हासिल हुआ है ! राम सिंग की इस बेहतरीन क़वायद के बाद भी उसे आज तक छत्तीसगढ़ सरकार से कोई मदद नहीं मिली है अलबत्ता छत्तीसगढ़ की खेल मंत्री लता उसेन्डी ने उल्टा राम सिंग से ही कह दिया की ये पंजा कुश्ती है क्या बला??
                   
पिछले दिनों राम सिंग का चयन 32 वीं वर्ल्ड आर्म रेसलिंग चैम्पियन शीप 2010 के लिये हुआ था जो की अमेरिका में आयोजित थी ! अपने चयन की सूचना का पत्र लेकर राम आर्थिक मदद की गुहार लेकर कहाँ-कहाँ नहीं भटका पर नतीजा सिफर रहा....अब तक पंजा कुश्ती के इस चैम्पियन की मदद के लिये न सरकार आगे आयी है और ना ही कोयी और दूसरी ज़रूरी मदद ! सरकार ऐक तरफ कामन वेल्थ गेम्स के नाम पर करोड़ो रूपये खर्च कर इसे अपनी उपलब्धी बता रही है वहीं दूसरी तरफ राम सिंग जैसे लोग प्रतिभावान होते हुये भी मदद की बाट जोह रहे हैं ! यह पोस्ट राम सिंग जैसे लोगों की विलक्षण प्रतिभा को आम जनता के समक्ष करने का एक प्रयास मात्र है जिसका उद्देश्य महज़ यह है कि ब्लॉगर जगत अपने प्रयासों से राम सिंग़ को उसके सही मुक़ाम तक पहुँचने में मददग़ार बन सके!!!

6 comments:

  1. अच्‍छी पोस्‍ट। अली साहब आपने इस पोस्‍ट के माध्‍यम से एक होनहार और काबिल खिलाडी की जरूरतों को सामने लाने का अच्‍छा काम किया है।
    काश सरकार के नुमाइंदों की नजर इस पोस्‍ट पर पडती और रामसिंग जैसे कलाकारों को सहायता मिलती।

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  2. सिकंदर का मुकद्दर :(

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  3. जरूर मुकाम मिलेगा इस प्रतिभा और उद्यम को.

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  4. lata usendi ko apni party ke netaon ke bhaiyon ki adhyakshata wale fedration hi yaad honge.taqdeer hai is desh me jin logo ko mantri banana chahiye we santri bhi nahi ban pate aur jo santri ke layak nahi hai we shaan se mantri hai. ramsing ke zazbe ko salam,ek din aayege jab mantri kya sarkar khud uska samman karne aage aayegi.aameen.

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  6. बहुत बढ़िया लिखा है... उम्मीद करता हूं कि आपके लेखन के माध्यम से राम सिंह को मदद और पहचान मिलेगी... साधुवाद सहित, आपका दोस्त वरुण

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